सुभाष घई का नया प्रयोग
Saturday, September 16, 2006
सुभाष घई प्रायः जाने माने कलाकारों को लेकर ही अपनी फिल्में बनाया करते थे| पर अपनी फिल्म हीरो (1983) में जैकी श्राफ, जिन्होंने केवल एक फिल्म स्वामीदादा में एक छोटा सा रोल किया था और जिनके विषय में बहुत कम लोग ही जानते थे, को मुख्य भूमिका दी थी| हीरो फिल्म में नायिका की भूमिका भी उन्होंने मीनाक्षी शेषाद्रि, जिनकी पहली फिल्म पेंटर बाबू फ्लॉप हो चुकी थी, को दिया| यह उनका जोखिम लेने वाला एक नया प्रयोग था| पर उनके इस नये प्रयोग को आशातीत सफलता मिली और हीरो सुपर हिट फिल्म साबित हुई| इस संदर्भ में यह बताना भी लाजिमी होगा कि फिल्मों में आने के पहले जैकी श्राफ 'भाई' हुआ करते थे|सुभाष घई को परिचय की आवश्कता नहीं है| कौन नहीं जानता सुभाष घई के बारे में| वे एक जाने माने निर्माता और निर्देशक हैं| पर शायद कम ही लोग जानते हैं कि सुभाष घई फिल्मों मे बतौर हीरो बनने आये थे| सुभाष घई फिल्म उमंग (1970) में हीरो बने भी पर फिल्म चल नहीं पाई| सफल हीरो वे कभी भी न बन सके| अतः उन्होंने फिल्म निर्माण व निर्देशन का कार्य आरंभ कर दिया| उन्होंने फिल्म विश्वनाथ, सौदागर आदि के लिये पटकथा भी स्वयं लिखा है| निःसंदेह वे एक सफल निर्माता व निर्देशक हैं| ऐसा लगता है एक सफल हीरो न बन पाने की उन्हें हमेशा ही रंजिश रही है और अपनी फिल्मों में शायद इसी लिये वे अपनी एक झलक अवश्य दिखाते हैं|
(अनुज विमल अवधिया के सौजन्य से)
posted by जी.के. अवधिया @ 7:06 PM,





