जायें तो जायें कहाँ.....
Thursday, September 14, 2006
बर्मन दा (एस.डी. बर्मन) फिल्म टैक्सी ड्राइव्हर के संगीत निर्देशन का कार्यभार सौंपा गया था| उन दिनों जयदेव उनके सहायक (Assistant Music Director) हुआ करते थे| बर्मन दा उस फिल्म के 'गीत जायें तो जायें कहाँ...' की धुन बनाने में जुटे थे| गीत का मुखड़ा तो बन गया था पर पद नहीं बन पा रहा था| अनेक बार पद बना कर खुद ही उसे रिजेक्ट कर चुके थे| लगभग दो महीनों से भी अधिक समय गुजर गया था और ऐसा पद बन ही नहीं पा रहा था जिससे बर्मन दा संतुष्ट हो पायें| बर्मन दा और जयदेव उस रोज जयदेव के घर में हारमोनियम-तबला लेकर बैठे थे ये निश्चय करके कि आज पद बना कर ही छोड़ेंगे| एक बजे रात तक भी संतोषजनक धुन नहीं बन पाई और बर्मन दा अपने घर चले गये ये कह कर कि छोड़ो जयदेव, कल देखेंगे| पर जयदेव को चैन नहीं था, अकेले हारमोनियम लेकर बैठ गये| अनेक बार पद बनाया और स्वयं ही उसे अस्वीकार कर दिया| पूरी रात बीत गई| सुबह होते होते एक धुन ऐसी बन गई जो कि बर्मन दा को पसंद आये| तुरंत गाड़ी निकाल कर बर्मन दा के घर पहुँच गये| उन्हें सोते से जगा कर धुन सुनाई| धुन सुनते ही बर्मन दा ने स्वी खुशी से जयदेव को गले से लगा लिया और उस धुन को स्वीकार कर लिया| इस प्रकार बनी ये धुन|
जायें तो जायें कहाँ
समझेगा, कौन यहाँ, दरद भरे दिल की जुबाँ
मायूसियों का नगमा है जी में
क्या रह गया है अब जिंदगी में
सीने में गम, दिल में धुआँ
जायें तो जायें कहाँ.....
उनका भी गम है, अपना भी गम है
अब दिल के बचने की, उम्मीद कम है
इक कश्ती, सौ तूफाँ
जायें तो जायें कहाँ.....
तो ऐसे अथक परिश्रम किया करते थे हमारे संगीतकार|
posted by जुड़िये गँठजोड़ मित्र समुदाय से! (gathjod.com) @ 7:25 PM,
1 Comments:
- At 8:03 AM, रजनीश मंगला ने कहा...
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अवधिया जी, आपकी ये प्रविष्टी मैंने अपनी छोटी सी साप्ताहिक मुफ़्त बँटने वाली पत्रिका बसेरा के ग्याहरवें अँक में डाली है। उम्मीद है कि आपको कोई आपत्ती नहीं होगी। साथ में एक और प्रयोग भी करने जा रहा हूँ। अब से लेकर हर सप्ताह चुनी गईं ब्लाग प्रविष्टियों के लिए मैं छोटे से उपहार के रूप में एक एक यूरो (लगभग 55 - 58 रुपए) देना चाहता हूँ। अगर आप ये उपहार कबूल करते हैं तो कृपया मुझे भारत में अपने किसी बैंक खाते का विवरण rajneesh_mangla@yahoo.com पर भेजें। धन्यवाद। आपने तो बड़े सारे ब्लाग खोल रखे हैं। और अगर कोई ब्लागस्पाट का सदस्य नहीं है तो क्या आपके ब्लाग पर टिप्पणी नहीं कर सकता? ब्लागस्पाट के साथ कोई टांका भिड़ेला है क्या?







